Back

राष्ट्रपति ने उज़बेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति की मेजबानी की; उन्होंने कनेक्टिविटी परियोजनाओं और आर्थिक रिश्तों पर बल दिया

राष्ट्रपति भवन: 01.10.2018

भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्‍द ने आज (1 अक्टूबर, 2018) राष्ट्रपति भवन में उज़बेकिस्‍तान के महामहिम राष्ट्रपति श्री शावकत मिर्ज़ी-योयेव का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक राज भोज का आयोजन भी किया।

भारत की प्रथम राजकीय यात्रा पर आए उज़बेक राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने उज़बेक लोगों का श्रेष्‍ठ नेतृत्व किया है। विदेशी संबंधों के प्रति उनकी पहल सराहनीय हैं। आज मध्‍य एशिया में एक नई ऊर्जा दिखाई दे रही है और पूरे क्षेत्र में सहयोग की भावना फल-फूल रही है। एक मित्र होने के नाते भारत को उज़बेकिस्‍तान की उपलब्धियों पर गर्व है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सीमा-पार आतंकवाद हमारे क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती है। अपने देशवासियों की प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्‍हें यह जानकर खुशी हुई है कि भारत और उज़बेकिस्‍तान सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।

राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में शांति और सुलह स्‍थापित करने के उज़बेकिस्‍तान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता की दिशा में कार्य करने के लिए, एक जैसी राय रखने वाले सभी देशों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को उज़बेकिस्‍तान के साथ अपनी विकास सहयोग साझेदारी पर गर्व है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि भारत ने उज़बेकिस्‍तान की सामाजिक क्षेत्र परियोजनाओं में सहयोग के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक साझेदारी का निर्माण करने के लिए कनेक्टिविटी बहुत महत्‍वपूर्ण है। उन्होंने अश्‍गाबात समझौते में भारत की सदस्यता को समर्थन देने के लिएउज़बेकिस्‍तान का धन्यवाद किया।

तत्पश्चात्, अपने राजभोज अभिभाषण में राष्ट्रपति कोविन्‍द ने कहा कि पुराने मित्र और स्‍ट्रेटजिक पार्टनर के रूप में, भारत और उज़बेकिस्‍तान में अपने सम-सामयिक संबंधों के विकास के लिए ऐतिहासिक रिश्तों की मज़बूत बुनियाद मौजूद है। हमारे द्विपक्षीय सम्‍बन्‍ध बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहे हैं परन्‍तु, हम अपनी साझेदारी में तीव्र प्रगति लाना चाहते हैं।

और इस प्रयोजन के लिए, हमें हवाई अड्डों, बंदरगाहों, राजमार्गों और सूचना-महामार्गों के जरिए बेहतर कनेक्‍टिविटी बनानी होगी।

यह विज्ञप्ति 2100 बजे जारी की गई।