Back

भारत के राष्ट्रपति ने दीन दयाल उपाध्याय पर ‘थिंक इंडिया’ जर्नल के विशेष अंक की प्रति ग्रहण की

राष्ट्रपति भवन : 02.04.2018

भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द ने आज (02 अप्रैल, 2018) राष्ट्रपति भवन में पूर्व दार्शनिक-राजनीतिविद्, दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित ‘थिंक इंडिया’ जर्नल के विशेष अंक की प्रति ग्रहण की। डॉ. मुरली मनोहर जोशी, सांसद ने सांसद और इस विशेष अंक के संपादक श्री डी पी त्रिपाठी, की उपस्थिति में राष्ट्रपति को यह प्रति भेंट की। डॉ. शशि थरूर, सांसद और श्री पवन वर्मा, पूर्व सांसद भी उपस्थित लोगों में शामिल थे।

इस अवसर पर, राष्ट्रपति ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विभूति हैं जिन्होंने अपने लेखन और विचारों द्वारा भारतीय राजनीति और जनचेतना को समृद्ध किया। उनका और उनके कार्यों का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक संवेदना की तथा दलगत राजनीति से ऊपर उठने की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि वह मानते हैं कि जर्नल का यह विशेष अंक इस दिशा में एक प्रयास है। भिन्न-भिन्न पीढि़यों, राजनीतिक दलों और विचारधाराओं से जुड़े लेखकों के लेखों का यह संकलन सराहनीय है। राष्ट्रपति ने इस विशेष अंक के लिए श्री डी.पी. त्रिपाठी की प्रशंसा की।

राष्ट्रपति ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्रहित में सहयोग की हिमायत की और विकास प्रक्रिया को संकीर्ण भेदभाव से ऊपर रखने का प्रयास किया। महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. आम्बेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया और स्वर्गीय दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को आगे बढ़ाया और जमीनी विकास से इसकी प्रासंगिकता बनाए रखी। विचारों को सूत्रबद्ध करने के साथ-साथ इन विख्यात शख्सियतों ने धरातल पर कार्य किया और व्यावहारिक उपलब्धियां हासिल कीं। इसी क्रम में,जवाहर लाल नेहरू की पुस्तक ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ भी भारत की दार्शनिकता और सांस्कृतिक परंपराओं को जानने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

राष्ट्रपति ने कहा कि संकल्पनात्मक अंतर होने के बावजूद, एक विशेष प्रकार की एकता और लोकाचार भारत की पहचान है। इस संकलन में, इस दृष्टिकोण से दीनदयाल उपाध्याय के योगदान को जानने-समझने का प्रयास किया गया है।

यह विज्ञप्ति 1430 बजे जारी की गई।