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भारत के राष्ट्रपति ने यात्रा के दूसरे दिन शिष्टमंडल स्तरीय वार्ता का नेतृत्व किया, करारों/समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान का अवलोकन किया; मॉरिशस के सर्वोच्च नेतृत्व से मुलाकात की

राष्ट्रपति भवन : 12.03.2018

भारत के राष्ट्रपति,श्री राम नाथ कोविन्द ने आज (12 मार्च, 2018) मॉरिशस के प्रधान मंत्री, श्री प्रविन्द जगन्नाथ और उनकी कैबिनेट के सदस्यों के साथ शिष्टमंडल स्तरीय वार्ता का नेतृत्व किया। राष्ट्रपति,भारत और मॉरिशस के बीच अनेक करारों/समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान के दौरान भी उपस्थित रहे।

भारत ने मॉरिशस सरकार द्वारा रक्षा प्रापण के लिए 100 मिलियन अमरीकी डॉलर की नए ऋण व्यवस्था की घोषणा की। भारत ने सुरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए मॉरिशस को बहु-उद्देश्यीय अपतटीय गश्ती जहाज (मल्टी-परपज ऑफशोर पैट्रोल वैसल) की पेशकश की। इसे आज घोषित नई रक्षा ऋण व्यवस्था तथा पांच मिलियन अमरीकी डॉलर के अतिरिक्त अनुदान घटक के ज़रिए खरीदा जाएगा।

आज आदान-प्रदान किए गए अन्य करारों/समझौता ज्ञापनों में शामिल हैं-बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय और मॉरिशस के बीच सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन; मॉरिशस विश्वविद्यालय में आयुर्वेद पीठ की स्थापना पर एक समझौता ज्ञापन;भारत के संघ लोक सेवा आयोग तथा मॉरिशस के जनसेवा आयोग के बीच एक समझौता ज्ञापन जिसके अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग क्षमता निर्माण के लिए मॉरिशस के समकक्ष को आवश्यक सहयोग देगा,और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहायता संबंधी करार।

इस अवसर पर राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा, ‘भारत और मॉरिशस की हिन्द महासागर क्षेत्र में साझी सुरक्षा चिंताएं हैं। भारत ने गश्ती जहाज की आपूर्ति द्वारा पहले भी मॉरिशस की सहायता की है। इस सहयोग को आगे बढ़ाते हुए,मुझे आज यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत ऋण सहायता के अंतर्गत मॉरिशस को बहु-उद्देश्यीय अपतटीय गश्ती जहाज की आपूर्ति करेगा।’

दोपहर के बाद,राष्ट्रपति कोविन्द,उनसे भेंट करने आए अनेक गणमान्य लोगों से मिले। मॉरिशस के गणमान्य लोगों में मॉरिशस के मुख्य न्यायाधीय, न्यायमूर्ति केशौ प्रसाद मातादीन,मॉरिशस के राष्ट्रीय सभा की अध्यक्ष, श्रीमती शांति बाई हनुमानजी, मॉरिशस में प्रतिपक्ष के नेता,श्री जेवियर ल्यूक दुवाल शामिल थे।

राष्ट्रपति ने इन बैठकों में कहा कि भारत इन दोनों देशों के बीच संबंधों के निरंतर विकास को अत्यंत महत्व देता है। भारत-मॉरिशस द्विपक्षीय सहयोग व्यापक और बहुआयामी है। दोनों देशों के राजनेताओं के बीच नियमित उच्च स्तरीय बातचीत से इस साझेदारी को दिशा और गति मिली है। लोकतंत्र,विधि सम्यत् शासन और सामाजिक सौहार्द के साझे मूल्यों ने हमारे संबंधों को और अधिक घनिष्ठ बनाया है।

इससे पहले आज सुबह,राष्ट्रपति,अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गंगा तलाव और आप्रवासी घाट विश्व विरासत स्थल के दर्शन करने गए। दोनों ही स्थान मॉरिशस के भारतीय समुदाय के लिए अत्यधिक पूजनीय हैं। आप्रवासी घाट वह स्थान है जहां प्रारंभिक भारतीय समुदाय के सदस्य 19वीं शताब्दी में गिरमिटिया मजदूरों के रूप में मॉरिशस पहुंचे थे।

मॉरिशस गणराज्य की राष्ट्रपति,श्रीमती अमीना गरीब फाकीम ने आज (12 मार्च, 2018) राष्ट्रपति कोविन्द के सम्मान में एक मध्याह्न भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने उन्हें और उनके शिष्टमंडल के हार्दिक स्वागत और सद्भावनापूर्ण आतिथ्य के लिए मॉरिशस की सरकार और जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने औपनिवेशिक शासन से देश की आज़ादी की 50वीं वर्षगांठ पर मॉरिशस को बधाई दी।

आज शाम (12मार्च, 2018) राष्ट्रपति कोविन्द मॉरिशस की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेंगे।

कल शाम (11मार्च, 2018) राष्ट्रपति ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री, श्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ द्वारा आयोजित एक स्वागत राजभोज में भाग लिया। इस अवसर पर,राष्ट्रपति ने मॉरिशस की स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उन्हें आमंत्रित किए जाने के लिए मॉरिशस की सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत के 1.3 अरब लोगों के यह विशिष्ट सम्मान है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मॉरिशस हिन्द महासागर क्षेत्र और अफ्रीका का द्वार है। अफ्रीकी मुख्य भूमि तक पहुंच की तलाश कर रही भारतीय कंपनियों के लिए यह देश एक केन्द्र बन सकता है। हिन्द महासागर के ‘स्टार एंड की’के रूप में मॉरिशस के हित स्वाभाविक रूप से भारत से जुड़े हुए हैं। समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने में हमारा सहयोग बहुत अच्छा रहा है।

यह विज्ञप्ति 1850 बजे जारी की गई