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राष्ट्रपति ने जर्मनी के राष्ट्रपति की मेजबानी की: उन्होंने कहा कि हम जर्मनी को सतत विकास के अपने उपक्रम में एक स्वाभाविक साझीदार के रूप में देखते हैं

राष्ट्रपति भवन : 24.03.2018

भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द ने आज (24 मार्च, 2018) राष्ट्रपति भवन में जर्मनी संघीय गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति डॉ.फ्र्रेंक वाल्टर स्टाइन-मायर का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक राज भोज का आयोजन भी किया।?

जर्मनी के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और जर्मनी भौगोलिक रूप से देर-दूर अवस्थित हो सकते हैं परन्तु लोकतंत्र, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विधि के शासन के प्रति सम्मान के हमारे साझे जीवन मूल्यों द्वारा हम एकजुट हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमने इस मजबूत नींव पर एक आधुनिक साझेदारी का निर्माण किया है। हमारी आर्थिक साझेदारी सही दिशा में अग्रसर है। व्यापार और निवेश में भारत व जर्मनी के बीच सहयोग बढ़ रहा है। जर्मनी भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और सातवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। तथापि, हमारा लगभग 18.7 बिलियन अमरीकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार अपनी क्षमता से काफी कम है। हमें इस पर कार्य करने की आवश्यकता है।

बाद में, राष्ट्रपति कोविन्द ने अपने राजभोज अभिभाषण में कहा कि सतत विकास के अपने उपक्रम में हम जर्मनी को एक स्वाभाविक साझेदार के रूप में देखते हैं। चाहे साइबर स्पेस की जटिलताओं को सुलझाने का मामला हो या जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई की रूप-रेखा तय करनी हो, डिजिटल परिवर्तन हो या नवीकरणीय ऊर्जा को सहेजने की बात हो, हमारी साझेदारी हमारे भविष्य से जुड़ी हुई है। हमारे ‘मेक इन इंडिया’ ‘स्किल इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्टार्ट अप इंडिया’ कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में जर्मन कंपनियां मदद कर रही हैं। हम चाहते हैं कि हमारी इस यात्रा में और भी कंपनियां शामिल हों।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज के समय में, दुनिया का कोई भी कोना आतंकवाद की आपदा से अछूता नहीं है। यह हमारे समाजों के लिए और हमारे विकास और प्रगति के लिए लगातार खतरा पैदा कर रहा है। हमें इन अमानवीय त़ाकतों को पराजित करने के लिए और ज्यादा मज़बूती से एकजुट होना होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में जर्मनी की भूमिका को हम बहुत अहमियत देते हैं। यूरोप को और बहु-ध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मज़बूत बनाने के आपके प्रयासों का हम पूरा समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे संबंधों को और घनिष्ठ व प्रगाढ़ बनाने की गहरी इच्छाशक्ति हम दोनों देशों में मौजूद है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

यह विज्ञप्ति 2050 बजे जारी की गई