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भारत के राष्ट्रपति ने जगदलपुर में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का राष्ट्र को समर्पित किया; उन्होंने कहा कि ग्रामीण और जनजातीय इलाकों के विकास में ही भारत का विकास है

राष्ट्रपति भवन : 26.07.2018

भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द ने आज (26 जुलाई, 2018) बलीराम कश्यप स्मारक महाविद्यालय परिसर, जगदलपुर, छत्तीसगढ़ में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया तथा जनसमूह को संबोधित किया।

इस अवसर पर, राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश का मूल तत्‍व बस्तर जैसे क्षेत्रों में पाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति भारत की आत्मा को महसूस करना चाहता है तो उसे यहां आना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण व जनजातीय इलाकों के विकास में ही भारत का विकास है।

राष्ट्रपति ने कहा यह समय भारत में ऐतिहासिक बदलाव का समय है। ग्रामीण और जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास के लिए बड़े-बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। सभी लोगों के लिए, विशेषकर गरीबों के लिए शौचालय, पेयजल और बिजली की सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध करवाना एक राष्ट्रीय प्रयास बन चुका है। नए विद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान व एम्‍स सहित अनेक शैक्षिक संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। छोटे-छोटे कस्‍बों/गांवों और साधारण आमदनी वाले नागरिक कम खर्चीली दरों पर हवाई यात्रा कर रहे हैं। अमीर और ग़रीब के बीच का फासला धीरे-धीरे कम हो रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सामान्य नागरिक भी इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की पहल कर रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की एक उल्‍लेखनीय महिला स्वर्गीय कुंवर बाई की मिसाल दी। उन्होंने कहा कि वह स्वच्छ भारत अभियान की एक दूत बन गईं। साफ-सफाई और स्वच्छता के कार्य के प्रति समर्पित होकर उन्होंने अपने मकान में शौचालय बनवाने के लिए अपनी कुछ बकरियों को बेच कर शौचालय बनवाई का भुगतान किया। इससे जिले के अधिकांश दूसरे लोगों को प्रेरणा मिली और धमतरी ने स्वच्छ भारत अभियान के मापदंडों के मामले में बेहतर कार्य करना शुरू कर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह खेदजनक है कि नक्सलवाद से भ्रमित हो कर हमारे कुछ लोग हिंसा और भय का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी संस्कृति और परंपरा में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे संविधान में भी इनके लिए कोई जगह नहीं है। इस संबंध में, मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि प्रशासन और समाज के संवेदनशील लोगों ने, इन भटके हुए युवाओं का विश्वास जीतने का प्रयास किया है और उनसे संघर्ष का रास्‍ता छोड़ने का आग्रह किया है। उन्‍होंने कहा कि यह एक स्‍वागतयोग्‍य कदम है और इससे शांति और विकास के प्रयास मजबूत होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि कल उन्‍होंने हीरानार में हमारे किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रयोग की जा रही समेकित कृषि तकनीक को देखा। वह ऐसे लोगों से मिले जो वहां चावल की मिल चला रहे हैं और कृषि, बागवानी, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती में लगे हुए हैं। वे इसी परिसर में पूरे जोर शोर से काम कर रहे हैं। वे ऐसी महिलाओं से भी मिले जो ‘दंतेश्वरी ई-रिक्शा सेवा’ चला रही हैं। उन्हें काम करते हुए देखकर बहुत खुशी हुई। राष्ट्रपति ने कहा, "हमारी जनजातीय बहनें अपने बच्चों और अपने परिवारों के भविष्य को संवारने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। वे हमारे देश की महिलाओं के लिए सशक्‍तीकरण और उद्यमिता की प्रेरक उदाहरण हैं। महिलाओं की आय बढ़ने पर परिवार को बहुत फायदा होता है क्योंकि पैसे का सही इस्‍तेमाल हो पाता है। इसलिए, इस क्षेत्र और यहां के प्रत्येक परिवार और हमारे समाज व देश के विकास के लिए महिलाओं का आर्थिक सशक्‍तीकरण और वित्तीय साक्षरता जरूरी है।

यह विज्ञप्ति 2035 बजे जारी की गई।