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सामुदायिक अभिनंदन समारोह में भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्‍द का संबोधन

लुसाका : 10.04.2018

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1. मेरे लिए लुसाका के भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ मिलना सौभाग्य की बात है। इतने भावपूर्ण ढंग से मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद। भारत का राष्ट्रपति बनने के बाद विदेश की यह मेरी तीसरी यात्रा है। यह कोई संयोग मात्र नहीं है कि मेरी सभी तीनों यात्राएं हमारेप्रिय महाद्वीप अफ्रीका की रही हैं।

2. मैं जिस देश में गया हूं, वहां के भारतीय समुदाय से मिला हूं, लेकिन यहां जांबिया का भारतीय समुदाय विशेष है। आप इस महाद्वीप के हमारे सबसे घनिष्ठ मित्रों में से एक में भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं। यह आपके योगदान के प्रति एक सम्मान है। और यह इस बात का सम्मान है कि किस प्रकार भारतीय समुदाय जांबिया के राष्ट्रीय जीवन के साथ घुल-मिल गया है।

3. आप 1964 में जांबिया आ गए थे, और इसे ही आपने अपना घर बना लिया। उस समय तक जांबिया स्‍वतंत्र भी नहीं हो पाया था। व्यापार और वाणिज्य, खनन और आतिथेय, स्वास्थ्यचर्या और शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में भारतीय समुदाय ने जांबिया में अपना योगदान दिया है। आप हमारे देश के विभिन्न हिस्सों, गुजरात से लेकर तमिलनाडु, केरल से लेकर बंगाल आदि अनेक दूसरे राज्‍यों और क्षेत्रों से यहां आए हैं। परंतु यहां जांबिया में, अपने बीच की विविधता के बावजूद आप सब भारतीय समाज और संस्कृति के प्रतिनिधियों के रूप में एकजुट हैं।

4. आपके योगदान ने आपके समुदाय और एक राष्ट्र के रूप में भारत के लिए सद्भावना पैदा करने में मदद की है। आप एक सुदूर देश में हमारे अग्रदूत हैं। आपने घर से दूर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने तथा हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के अथक प्रयास किए हैं। यह सराहनीय है। इसके लिए मैं आप सभी को बधाई देता हूं।

5. अफ्रीका में रहने वाले सबसे महान भारतीय, वास्तव में, महात्मा गांधी थे। भारत और जांबिया के लिए वे एक साझी प्रेरणा हैं। इस यात्रा पर राष्ट्रपति लूंगु और जांबिया की सरकार और जनता ने मेरा अत्यंत हार्दिक स्वागत किया है। कल मुझे डॉ. कैनेथ कोंडा, जिनकी जांबिया में वैसी ही प्रतिष्ठा है, जैसी भारत में महात्मा गांधी की है, से मिलने का सम्मान प्राप्त होगा। और वे हमारे देश और आपके समुदाय के एक पुराने मित्र हैं।

6. जांबिया के ऐसे अनुभवी नेताओं के कारण और आप सभी के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रयासों के कारण जांबिया एक लोकतांत्रिक विकासशील देश के रूप में शेष अफ्रीका के लिए एक मिसाल बन गया है। हमारे लोगों में मुक्ति और स्वतंत्रता, मानव गरिमा और सामाजिक-आर्थिक विकास के मूल्यों की साझी परंपरा हैं। ये मूल्य हमारे रिश्तों को मजबूती प्रदान करते हैं। और भारतीय समुदाय के सदस्यों के रूप में, आप यहां इन जीवन मूल्यों के रखवाले हैं।

7. पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत-जांबिया द्विपक्षीय संबंधों पर गौर करने पर मुझे एक ऐसी आर्थिकसाझेदारी दिखाई देती है जो प्रभावी रूप से बढ़ रही है। भारतीय कारोबार समुदाय जांबिया में एक महत्वपूर्ण निवेशक है। हमारे निवेश ने स्थानीय समुदाय को महत्व देते हुए रोजगार सृजित किया है और इसके जरिए मित्र बनाए हैं। मुझे, अपनी यात्रा के कार्यक्रम का अवलोकन करने पर हर्ष मिश्रित आश्चर्य हुआ कि मेरा शिष्टमंडल और मैं उस होटल में ठहरेंगे जिसका संचालन एक भारतीय कंपनी करती है। मेरे लिए, विदेश यात्रा के दौरान यह एक असाधारण अनुभव है। और मैं इसका श्रेय इस वास्‍तविकता को देता हूं कि भारतीय समुदाय और भारतीय निवेश जांबिया के समाज के ताने-बाने में कितनी गहराई से रचा-बसा है।

8. भारत और जांबिया के बीच एक सजीव सेतु के तौर पर, जांबिया के भारतीय समुदाय का दायित्‍व भारत-जांबिया साझीदारी को और भी सार्थक बनाने का है।

9. भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है।इसके विविध अवसरों को जांबिया की विकास प्राथमिकताओं के साथ जोड़ें। इसे अपना प्रमुख दायित्व बना लें।

10. एक समुदाय के रूप में एक दूसरे के साथ जुड़े रहें और स्वयं को अपने मेजबान देश के लिए और अधिक महत्वपूर्ण बनाएं। यह कार्य हमारी उस छवि, सौम्‍य-शक्ति और हमारी खूबियों को प्रस्तुत करने के लिए एकजुट होकर किया जा सकता जिसे आधार बनाकर हम, एक देश के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संवाद स्‍थापित करते हैं और उन्‍हें पेश करते हैं। योग से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी, सिनेमा से लेकर स्वास्थ्यचर्या, खान-पान से लेकर त्‍योहारों तक-भारत के पास इतना सब कुछ है, जिसकी जानकारी आप अपने जांबिया मित्रों को दे सकते हैं।

देवियो और सज्जनो,

11. हमारी सरकार अपने प्रवासी समुदाय के साथ सतत व सक्रिय संबंध कायम रखना चाहती है। इस संबंध का उद्देश्य आपको भारत में हो रहे परिवर्तनकारी बदलावों का परिचय देने का अवसर प्रदान करने का है। प्रवासी समुदाय के साथ संवाद का लक्ष्य ऐसी संभावनाएं और मंच मुहैया करवाने का है जिनके जरिए आप भारत की प्रगति और विकास में भागीदारी कर सकते हैं।

12. आज, भारत तीव्र आर्थिक विकास के पथ पर अग्रसर है। हमारे युवाओं में विश्वास और उम्मीद दिखाई दे रही है। एक नया भारत आकार ले रहा है। भारत के उत्थान से बाहरी दुनिया के साथ सहयोग के अभूतपूर्व अवसर पैदा हो रहे हैं। इस संदर्भ में, हमारी सरकारविदेश में रहने वाले हमारे लोगों के साथ संबंध मजबूत बनाने के लिए तत्पर है।नई योजनाएं शुरू की गई हैं और पुरानी योजनाओं को सरलतर बनाया गया है। आपको‘ओसीआई’ कार्यक्रम का फायदा उठाना चाहिए। इससे आप हमेशा भारत के साथ जुड़े रहेंगे।

13. अंत में, यदि समय और ऑनलाइन बुकिंग के स्थान उपलब्ध हों तोमैं अगली बार दिल्ली आने पर आपको राष्ट्रपति भवन घूमने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह भवन केवल मेरे रहने और कार्य करने का स्‍थान नहीं है अपितु प्रत्येक भारतीय का और विश्व मेंकहीं भी रह रहे प्रत्येक भारतवाशी का घर है।

धन्यवाद

जय हिंद!