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यूनानी गणराज्य के राष्ट्रपति श्री प्रोकोपिस पावलोपाउलस द्वारा आयोजित राज-भोज में भारत के राष्ट्रपति, श्री रामनाथ कोविंद का संबोधन

एथेंस : 18.06.2018

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1. राष्ट्रपति महोदय, मैं ऐसे भावपूर्ण स्वागत और गरिमापूर्ण आतिथेय के लिए दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं।

2. यूनान हमारे लिए अति विशेष देश है। हमारे संबंध सदैव हार्दिक और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। आज हम दोनों देशों ने हमारे युगों पुराने प्राचीन संबंधों से प्रेरणा सद्भावना और शक्ति प्राप्त करते हुए, अपने समसामयिक संबंधों को घनिष्ठ बनाने की अपनी वचनबद्धता की पुनः अभिपुष्टि की है।

3. राष्ट्रपति महोदय यूनान पहुंचने के बाद से अनेक यूनानी मित्रों के साथ मेरी बैठक और बातचीत हुई है और मैं कहना चाहूंगा कि बिना किसी अपवाद के उन सभी द्वारा अभिव्यक्त भावनाओं और प्रेम ने आपके खूबसूरत देश की यात्रा पर आने पर मुझे सचमुच विशिष्ट अनुभव कराया है।

4. महामहिम, हमारे ऊर्जावान प्राचीन संपर्कों ने आधुनिक राष्ट्रों के रूप में हमारे संबंधों को घनिष्ठता प्रदान की है। आज मैंने हमारे विशेष संबंधों का एक नमूना आपको भेंट किया है, जिसे हमने इतने सुंदर ढंग से संरक्षित और सहेज कर रखा है। मध्यकालीन भारत में भागभद्र के दरबार में यूनानी राजदूत हेलियोडोरस और ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में निर्मितउनका स्तंभ हमारी चिरस्थाई मैत्री के उद्दाम प्रतीकों के रूप में विद्यमान है।

5. हमारे साझे इतिहास से हमें पता चलता है कि पाइथागोरस भारतीय दर्शन से प्रभावित थे और हमने कला और नाटक के क्षेत्र में आप से सीख प्राप्त की है। यह दिलचस्प तथ्य है कि संस्कृत में‘मंचीयपर्दे’ के लिए यवनिका शब्द प्रयुक्त किया जाता है जो यूनानियों के लिए हमारे संबोधन‘यवन' से बना है।

6. राष्ट्रपति महोदय, भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक शक्तिशाली पुंज के रूप में उभर रहा है इसलिए भारत-यूनान संबंधों में एक नया अध्याय लिखने की इच्छुक यूनानी कंपनियों के लिए नए अवसर सामने आ रहे हैं। भारत की विकास गाथा और नौवहन, समुद्री सेवाओं, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन में यूनान की विश्व स्तरीय विशेषज्ञता एक दूसरे के लिए सटीक पूरक साबित हो सकती है।

7. हमें अपने व्यापार को उच्चतर स्तर परले जाने के अपने प्रयासों को दुगुना करना होगा। भारतीय आम और यूनानी जैतून की मूल्यवत्ता सोने मेंतौलने योग्य है। आइए उन्हें अपने खानपान में और रूचि में पहले से ज्यादा स्थान दें।

8. हम अगले वर्ष थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर में ‘सम्मानित देश’ के रूप में भाग लेने के लिए भारत को आमंत्रित करने हेतु आपका धन्यवाद करते हैं। यह हमारे लिए सम्मान की बात होगी। मुझे उम्मीद है कि या हमारे व्यापार संबंधों में एक नई शुरुआत का अवसर सिद्ध होगा।

9. महामहिम, एक्रोपोलिस से लेकर सेतोरिनी तक आपके विहंगम और चित्र जैसे सुंदर दृश्य हमारे पर्यटकों और हमारे फिल्म उद्योग के लिए अत्यंत आकर्षण का विषय हैं। हम और बड़ी संख्या में यूनानी मित्रों का स्वागत, भारत की यात्रा पर आने के इच्छुक हैं। आइए, अपने लोगों के बीच आपसी संपर्क को और अधिक बढ़ाने के लिए कार्य करें।

10. महामहिम, भारत-यूनान वैश्विक संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। दोनों देश सातत्य के प्रति वचनबद्ध हैं। और ऐसा करते हुए हम अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को मजबूत बनाने और जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने में सहयोग करने पर विचार कर सकते हैं।

11. राष्ट्रपति महोदय, बहुपक्षीयवाद तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने का हम दोनों देशों का साझा दायित्‍व है। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा में स्थाई सीट के लिए हमारी उम्मीदवारी का निरंतर समर्थन करने के लिए आपका धन्यवाद करते हैं। हमें आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकटनों में उससे लड़ने और उसे समाप्त करने के अपने प्रयासों को भी दुगुना करना चाहिए।


12. राष्ट्रपति महोदय, साझे मूल्‍यों पर आधारित हमारे संबंध समय पर खरे उतरे हैं। वे आज भी और आने वाले वर्षों में भी सही साबित होंगे।

महामहिमगण, देवियो और सज्जनो, इसी आशावादी विचार के साथ, आइए हम सब मिलकर:

- यूनान के राष्ट्रपति और प्रथम महिला के स्वास्थ्य और खुशहाली की;

-यूनान की मित्र जनता की निरंतर प्रगति और समृद्धि की;

-तथा भारत और यूनान के बीच चिरस्थाई मैत्री की कामना करें;

धन्यवाद