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तृतीय आधारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के सामान्य कार्य चिकित्सा अधिकारियों से भेंट के अवसर पर, भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्‍द का संबोधन

राष्ट्रपति भवन : 19.09.2018

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1. मैं राष्ट्रपति भवन में आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों के रूप में आपको राष्ट्र निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभानी है। आप इस राष्ट्र की जीवन रेखा हैं। हमें स्वस्थ और सेहतमंद रखने का दायित्‍व आपके कंधों पर है।

2. स्वतंत्रता के बाद से और खास तौर से हमारी अर्थव्यवस्था को उदार बनाने के बाद भारत ने अनेक क्षेत्रों में तेज प्रगति की है। इससे हमारे प्रतिभावान नौजवानों और विशेषकर डॉक्टरों और स्‍वास्‍थ्‍य प्रशासकों के लिए अनेक अवसर पैदा हुए हैं। फिर भी, आपने सरकारी सेवा में शामिल होने का फैसला किया है। इसका अर्थ है कि आपने देश की सेवा करने और हमारे उन देशवासियों के लिए काम करने का रास्ता चुना है जिनके पास संसाधन कम होते हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक जिनकी पहुंच बहुत कम होती है। संक्षेप में, कहा जाए तो आपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का रास्ता चुना है। मैं आपके इस निर्णय का सम्मान करता हूं। आप पर और आपके कार्य पर लोग बहुत भरोसा करते हैं। हमारे देश का गरीब आदमी तो डॉक्टर को भगवान मानता है। मुझे विश्वास है कि आप पूरी निष्ठा से काम करते हुए इस भरोसे को कायम रखेंगे। आपके मन में लोगों के लिए विशेषकर कमजोर वर्गों के लिए करुणा और संवेदना होनी चाहिए। आपको यह भी याद रखना चाहिए कि सेवा के लिए निष्ठा और ईमानदारी बहुत जरूरी हैं।

3. मुझे खुशी है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बहुविध भूमिका निभाने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य सेवा के सामान्य कार्य चिकित्सा अधिकारियों के लिए आधारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया है। सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। ‘आयुष्मान भारत योजना’ का शुभारंभ न केवल जन स्वास्थ्य के प्रबंधन के लिए बल्कि हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति अर्थात् हमारी मानव पूंजी को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।आप इस रोमांचक और अभूतपूर्व पहल का हिस्सा बनेंगे। इसमें भारत में आमूल परिवर्तन लाने की क्षमता है।

4. यह उम्‍मीद अकारण नहीं है। राष्ट्र के रूप में अपनी विकास यात्रा में हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। हमने चेचक और पोलियो को जड़ से मिटा दिया है। हमने ‘मिशन इंद्रधनुष’ के तहत अभी तक दुर्गम रहे इलाकों और समुदायों तक पहुंचकर रोग प्रतिरोधक टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमने मातृत्व मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुल प्रजनन दर को भी कम किया है। ‘स्वच्छ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत की गई प्रगति का भी जन स्वास्थ्य पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

5. ऐसे सुखद समाचारों के बावजूद, हमारे समक्ष अनेक पुरानी और नई चुनौतियां मौजूद हैं। हमारे देश में रोग के प्रसार में परिवर्तन आ रहा है। हमें क्षयरोग, मलेरिया और डेंगी जैसे व्यापक प्रसार वाले रोगों के साथ-साथ जीवन शैली से उत्पन्न रोगों की बढ़ती संख्या से निपटना होगा। रोगों के प्रसार की चुनौतियों के साथ-साथ हमारे सामने सेवाओं के संदाय की सुपुर्दगी, पहुंच और खर्च के सामर्थ्य से जुड़े मुद्दे भी हैं।

6. आपके सामने और हमारे सामने भी रास्‍ता विकट है, परंतु इसे तय करना असंभव नहीं है। समर्पण, इच्‍छाशक्ति और संकल्‍प के द्वारा हम यह कार्य कर सकते हैं। अपने भावी लंबे करियर के दौरान आप स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक भूमिकाएं निभाएंगे। आपको स्वास्थ्यचर्या संदाय, परियोजनाओं के संचालन और उनके नेतृत्‍व तथा कभी-कभी नीतिगत सलाह देने जैसे कार्यों में भी शामिल किया जाएगा।

7. मैं यह सुझाव भी देना चाहूंगा कि जहां तक संभव हो, आप स्वास्थ्य के प्रति केवल उपचारात्मक दृष्टिकोण की बजाय रोकथाम वाला दृष्टिकोण भी अपनाएं। इस संदर्भ में, हमारी स्वास्थ्यचर्या प्रणाली में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों-‘आयुष’ को शामिल करना भी आपकी एक प्राथमिकता होनी चाहिए।

8. नई-नई बीमारियों और वैश्विक महामारियों के इस दौर में, जन स्वास्थ्य घरेलू स्‍तर पर उतनी ही बड़ी समस्‍या है जितनी अंतरराष्ट्रीय स्‍तर पर है। विश्व समुदाय ने 2015 में, संयुक्‍त राष्ट्र संघ में सतत विकास लक्ष्यों की सूची अंगीकार की थी। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटना इन लक्ष्यों का एक अहम अंग है। और भारत के लिए इसके मापदंडों को पूरा करना इन लक्ष्यों की प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के तौर पर आप हमारे सतत विकास लक्ष्यों के फील्‍ड कमांडर हैं। हमारी सुरक्षा और आरोग्‍यता, वास्‍तव में, आपके हाथों में है।

9. इन्‍हीं शब्‍दों के साथ, मैं आपकी सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। आप नि:संदेह एक लंबे और सार्थक कॅरियर में क़दम रख रहे हैं। भारत को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। आप उन सभी को और उनसे भी बड़ी उम्मीदों को पूरा करेंगे।

धन्यवाद

जय हिन्‍द!