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टेक्नोसिटी परियोजना के लाँच करने और टेक्नोसिटी में प्रथम सरकारी भवन की आधारशिला रखने पर भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का संबोधन

Bengaluru : 27.10.2017

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मैं यहां टेक्नोसिटी में प्रथम सरकारी भवन की आधारशिला रखने और टेक्नोपार्क के चौथे चरण को लाँच करने पर बेहद प्रसन्न हूं। यह एक प्रतिष्ठित सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाओं में से है जो केवल केरल में ही नहीं बल्कि पूरे देश में है। मैं यह बताना चाहूंगा कि केरल का ऐसा आकर्षण है कि इसने मुझे इस महीने में दूसरी बार अपनी ओर आकर्षित किया है और मैं यहां एक विशेष समय पर आया हूं। आज सुबह राष्ट्रपति भवन,नई दिल्ली में मुझे मेरे पूर्ववर्ती और केरल के महान सपूत डॉ. के आर नारायणन की वर्षगांठ पर उन्हें श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य मिला।

2. डॉ. नारायणन का उत्थान एक पिछड़ी पृष्ठभूमि से था,जो हमारे देश के सर्वोच्च पद पहुंचे। यह हममें से बहुतों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी छात्रवृत्ति और शिक्षा में उन्होंने केरल की सर्वोत्तम विरासतों और इसके लोगों को परस्पर जोड़ा है।

3. केरल की बुद्धिमानी उसके आध्यात्मवाद में भी झलकती है। जैसा कि मैंने अपनी इससे पहले की यात्रा के दौरान कहा कि यह हमारे समाज का एक आध्यात्मिक रहस्य है। मुझे माता अमृताआनंदमयी से मिलने का और उनके फाउंडेशन के बृहदस्तरीय लोक कल्याण सेवा का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सचमुच केरल ने हमें सिखाया है कि दिव्य सेवा मानव जाति की सेवा में ही निहित है।

4. केरल के लोगों में सेवा की यह भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। मैं यह कहूंगा कि यह आपका इकॉनामिक कॉलिंग कार्ड बन चुका है। यह एक राज्य है जिसका लोक स्वास्थ्य और शिक्षा में सराहनीय रिकॉर्ड है और पूर्ण साक्षरता की दौड़ में सबसे आगे है। इसलिए यह तभी संभव है कि केरल को सेवा क्षेत्र और ज्ञान इकॉनॉमी में अपने ताकत के लिए जाना जाता है।

5. हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे रोजगार सृजन का भविष्य उन सफलताओं पर बेहद निर्भर है जो हम डिजिटल इंडिया से प्राप्त करते हैं। कल के रोजगार अधिक से अधिक डिजिटल सेवाओं और अन्य अवसरों से मिलेंगे जो इंटरनेट

6. केरल डिजिटल इंडिया क्षमता से भारत को एक पावर हाऊस बना रहा है। यह उन सर्वाधिक संपर्क स्थापित वाले राज्यों में से है जिनमें सबसे अधिक दर पर मोबाइल फोन का प्रचलन है। मैं समझता हूं कि सरकार एक नए ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल से डिजिटल डिवाइस को कम करने के लिए और दो मिलियन गरीब परिवारों को भी इंटरनेट कनेक्शन देने के भी प्रयास कर रही है और ऐसे बहुत से साक्ष्य हैं कि हमारे लोग बहुत अनुकूलनीय हैं जो पिरामिड में सबसे नीचे हैं और आसानी से नई टेक्नॉलॉजी को अपना सकते हैं।

7. केरल का आईटी सेक्टर प्रगति कर रहा है। सभी भारतीय राज्यों में इसे आईटी और आईटी युक्त सेवा कंपनियों द्वारा वर्तमान में निर्यात में आठवां स्थान प्राप्त है। आईटी क्षेत्र केरल में एक लाख लोगों को सीधे रोजगार मुहैया करता है। यह तो हिमशिला का केवल एक टुकड़ा है। इन संस्थाओं के बढ़ने की बहुत क्षमता है।

8. मूल साक्षरता और कौशल में केरल की ताकत और सेवा क्षेत्र और उपभेक्ता संचालित उद्योगों में केरल के लोगों का अनुभव इस राज्य को एक आईटी परितंत्र के लिए प्राकृतिक राज्य बनाता है। मुझे विश्वास है कि केवलटेक्नोसिटी का जल्द विकास ही इस प्रक्रिया को तीव्र कर देगा।

मित्रो,

9. देश के अनेक भागों में केरल के लोग आर्थिक क्षेत्र का अनिवार्य हिस्सा हैं। मुझे स्वीकार करना होगा कि एक वकील के रूप में मेरे करियर में पर्याप्त मात्रा में उन स्टाफ सदस्यों और सहकर्मियों के सतत योगदान द्वारा मदद मिली जो करल से थे,मैं उनका आभारी हूं।

10. ऐसी उपलब्धियां केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। केरल के हमारे भाइयों और बहनों के कठिन परिश्रम के बगैर संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था ऐसी नहीं होती। उन देशों में केरल के प्रवासी कार्यकर्ता भी विदेश विनियम को निश्चय ही वापस भेजकर विकास में योगदान दे सकते हैं। हम राष्ट्रनिर्माण में उन्हें और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को नहीं भूल सकते।

11. एक शिक्षित और ज्ञानवान समाज के रूप में केरल की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। हाल ही में मैंने राष्ट्रपति के रूप में इथियोपिया की पहली विदेश यात्रा की। जहां जहां भी मैं गया और जिससे भी मैंने बात की, वहीं भारतीय स्कूल के अध्यापकों की बात का उल्लेख होता था। वे इथियोपिया में 30-40 वर्ष पूर्व पहुंचे और छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में गए। उन्होंने सोसाइटी और उसके मूल्यों को आकार दिया और अफ्रीका में भारत के सर्वोत्तम राजदूत बन गए। उनमें से अनेक शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें इथियोपिया में बहुत अधिक याद किया जाता है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि वे केरल से थे।

मित्रो,

12. सेवा क्षेत्र के मूल्यों की श्रृंखला में ऊपर पहुंचने में केरल को स्पष्ट रूप से तीन क्षेत्रों में लाभ मिला। पहला क्षेत्र सूचना प्रौद्योगिकी का है। अन्य पर्यटन और स्वास्थ्य देखभाल के हैं। ये ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और कार्य निहित हैं,विशेषकर केरल के प्रतिभाशाली नौजवानों,युवाओं और युवतियों के लिए।

13. पर्यटन में यह राज्य पूरे विश्व में ईश्वर की अपनी भूमि के रूप में बगैर किसी कारण से नहीं जाना जाता है। यह नक्षत्रों के एक स्टैंडआऊट गंतव्यों में से एक है। इसे दार्शनिक प्राकृतिक सुंदरता की देन है।

14. तथापि एक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्राकृतिक सुंदरता ही पर्याप्त नहीं है। कठिन परिश्रम और योजना को भी इसमें शामिल होना पड़ता है। यहां केरल के स्थानीय लोग जो सामाजिक आर्थिक स्पेक्ट्रम में हैं- शानदार आतिथ्य उद्योग का सृजन करने के लिए बधाई के पात्र हैं और इसे मैं आतिथ्य संस्कृति कहूंगा। यह भारत के अनेक भागों के लिए एक आदर्श है।

15. स्वास्थ्य देखभाल में केरल को लंबे समय से आयुर्वेद जैसी पारंपरिक हिलिंग प्रणालियों में विशिष्टता के लिए जाना जाता है। केरल ने कौशल और परिश्रम के साथ स्वास्थ्य-लाभ देने में अपने लिए एक पहचान ही बनाई है।

16. देश में और अनेक अन्य देशों में भी अस्पताल और चिकित्सीय केंद्र में हमेशा हंसती हुई और सचेत‘केरल की सिस्टर्स’के बिना कदापि काम नहीं कर सकते। नर्सिंग, अस्पताल, चिकित्सीय सेवाएं और बीमार और बूढ़े लोगों की देखभाल, स्वास्थ्य देखभाल के लिए महिला और पुरुष दोनों कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय रूप से ढूंढा जाता है।

17. जैसे जैसे आबादी बढ़ती है और स्वास्थ्य देखभाल अधिक जटिल हो जाता है। स्वास्थ्य देखभाल उद्योग के लिए शिक्षित और सक्षम मानव हाथों की मांग भी बढ़ती है। यह युवा भारतीयों के लिए असंख्य अवसर प्रदान कर सकता है। विशेषकर केरल की इसमें प्रधानता है। हम इस क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को देख रहे हैं परंतु मशीनों के लिए शिक्षित और समर्पित नर्स अथवा देखभाल करने वाली सहानुभूति और भावनाओं का मैच मिलना असंभव है।

18. निष्कर्ष के रूप में, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि आईटी अपने आप में महत्वपूर्ण नहीं है। समस्त सेवाओं की अर्थव्यवस्था के लिए एक बलगुणक भी है। इसने स्वास्थ्य देखभाल,शिक्षा,पर्यटन और अनेक अन्य उद्योगों में भूमिका बदलने का खेल खेला है। इनमें से कुछ क्षेत्र जो हमने देखे हैं, केरल की ताकत हैं। मुझे विश्वास है कि टेक्नोसिटी का विकास केरल के युवा लोगों को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा। मैं आप सबको शुभकामनाएं देता हूं।


धन्यवाद


जय हिन्द।